गुर्दे की पथरी का इलाज

गुर्दे की पथरी को जड़ से ख़तम करने का घरेलू उपाय

किडनी स्टोन या गुर्दे की पथरी एक आम समस्या है। यह बीमारी किसी भी उम्र के व्यक्ति को हो सकती है। पथरी एक क्रिस्टलीय खनिज पदार्थ है जो गुर्दे या मूत्र मार्ग में हो सकता है। पथरी देखने में किसी छोटे आकार के पत्थर की तरह दिखती है।

पथरी यदि छोटी होती है तो वह आसानी से मूत्र मार्ग से निकल जाती है। लेकिन अगर पथरी का आकार 5 एमएम या उससे अधिक हो जाता है तो यह मूत्र मार्ग में अवरोध पैदा करने लगती है। जिसके परिणामस्वरूप व्यक्ति को दर्द, मूत्र त्यागने में जलन, उल्दी आदि की समस्या होने लगती है। समय से इसका उपचार न करने पर यह गंभीर बीमारी का रूप ले लेती है।

पथरी का निर्माण कैसे होता है?

गुर्दे की पथरी के बनने का मुख्य कारण शरीर में पानी की कमी का होना है। पर्याप्त पानी ने मिलने के कारण यूरिन में मौजूद कैमिकल जैसेकि यूरिक एसिड, फॉस्फोरस, कैल्शियम, ऑक्जालिक एसिड आदि मिलकर पथरी का निर्माण कर देते है। यह पथरी गुर्दे या मूत्रपथ में बनती है। मूत्रपथ में गुर्दे, मूत्रवाहिनी, मूत्राशय, मूत्रमार्ग होते है।

पथरी का आकार बड़ा होने पर बहुत ज्यादा दर्द होता है। जब यह पथरी गुर्दे से बाहर मूत्र मार्ग में आ जाती है तो मूत्र त्यागने में रुकावट एवं असहनीय पीड़ा उत्पन्न करती है। जिसके कारण व्यक्ति को अंडकोष से लेकर लिङ्ग मूत्राशय एवं पार्श्व में पीड़ा का अनुभव होता है।

गुर्दे की पथरी के प्रकार

सामन्यतयः गुर्दे की पथरी चार प्रकार की होती है:-

  • कैल्शियम से बनी पथरी जिसे कैल्शियम स्टोन कहते है।
  • यूरिक एसिड के मिश्रण से बनी पथरी जिसे यूरिक एसिड स्टोन कहते है।
  • स्ट्रूविटा स्टोन
  • सिस्टिन स्टोन

इनमें से कैल्शियम स्टोन और यूरिक एसिड स्टोन सबसे ज्यादा पाए जाते है।

गुर्दे की पथरी बनने के कारण

अधिकांश पथरियाँ अनुवांशिकी और पर्यावरणीय कारकों के संयोजन के कारण बनती है। इसके अलावा निम्न कारण भी पथरी बनने में सहायक होते है।

  • पर्याप्त मात्रा में पानी न पीना
  • शरीर में जरुरी मिनरल्स की कमी होना
  • यूरिन में केमिकल की अधिकता
  • शरीर में विटामिन डी की अधिकता
  • जंक फ़ूड का अधिक सेवन

गुर्दे की पथरी के लक्षण

पथरी समय के साथ-साथ बढ़ती जाती है। समय के साथ इसमें दर्द के अलावा निम्न लक्षण दिखाई देते है।

  • मूत्र त्यागने में दर्द होने
  • मूत्र में रक्त आना
  • पीठ के निचले हिस्से में दर्द होना
  • पेट में दर्द और ऐठन होना
  • जी मिचलाना और उल्टी आना
  • मूत्र से बदबू आना
  • बार-बार पेशाब आना परन्तु खुलकर न होना
  • बुखार आना
  • अधिक पसीना निकलना

गुर्दे की पथरी निकालने के घरेलू उपाय

पथरी का उपचार आज लगभग प्रत्येक हॉस्पिटल पर उपलब्ध है। परन्तु ऐसे उपचार में बहुत अधिक खर्च आता है। पथरी का उपचार आप अपने घर पर प्राकृतिक तरीक से भी कर सकते है। घरेलू उपचार भी बहुत कारगर साबित होते है। आज हम आपको कुछ ऐसे ही घरेलू  उपायों के बारें में बताएँगे जिससे आप कम खर्च में गुर्दे की पथरी के छुटकारा पा सकते है।

गुर्दे की पथरी निकालने में पानी करता है मदद

5 एमएम से छोटी पथरी को निकालने के लिए किसी विशेष उपचार की आवश्यकता नहीं होती है। इसके लिए आप दिन में सात से आठ गिलास पानी पीजिये। पानी की सहायता से पथरी के छोटे टुकड़े मूत्र की जरिए शरीर से बाहर निकल जाते है।

नींबू और ऑलिव ऑयल का मिश्रण

नींबू और ओलिव आयल का मिश्रण मूत्राशय की पथरी निकालने में बहुत सहायक होता है। नींबू में मौजूद सिट्रिक एसिड कैल्शियम से बनने वाली पथरी को शरीर में नष्ट कर देता है। इस मिश्रण को बनाने के लिए चार चम्मच नींबू के रस में बराबर मात्रा में ओलिव आयल मिला लें। फिर इस मिश्रण को जरुरत अनुसार पानी में मिलाकर दिन में दो से तीन बार पियें। ऐसा आप लगातार तीन दिन तक करें। यदि आपकी पथरी निकल जाती है तो इस प्रक्रिया को न दोहराएं। पथरी पेशाब के रास्ते बाहर निकलेगी।

सौंफ और धनिया का मिश्रण

सौंफ, धनिया और मिश्री को बराबर मात्रा में लेकर आधा कप पानी में मिलाकर पिएं। ऐसा नियमित करने से पथरी पेशाब के रास्ते बाहर निकल जाएगी।

अनार का रस और तरबूज

अनार अपने क्षारीय गुण के कारण पथरी को बनने से रोकता है और पेशाब में एसिड के स्तर को ठीक रखता है। इसके लिए आप प्रतिदिन अनार का रस पिएं। अगर आपको अनार का रस नहीं पसंद तो आप इसके दाने भी खा सकते है।

तरबूज में पोटैशियम के साथ भरपूर मात्रा में पानी होता है। इसके खाने से यूरिन में एसिड की मात्रा नियंत्रित रहती है। इसके अलावा आप तरबूज के रस में एक चौथाई चम्मच धनिया पाउडर मिलाकर भी सेवन कर सकते है। ऐसा दिन में दो से तीन बार करें। नियमित सेवन से पथरी की समस्या जल्दी दूर होती है।

चौलाई की सब्जी

चौलाई की सब्जी गुर्दे की पथरी गलाने का रामबाण उपचार है। इसके लिए आप अपने भोजन में चौलाई की सब्जी को शामिल करें। पथरी धीरे-धीरे अपने आप गल जाएगी।

सेब का सिरका

अपने क्षारीय गुण के कारण सेब के सिरके में गुर्दे की पथरी को गलाने की क्षमता होती है। इसके लिए आप दो चम्मच सिरका और एक चम्मच शहद को एक कप गुनगुने पानी में मिलाकर पियें। ऐसा दिन में कम से कम चार से पांच बार करें।

राजमा

राजमा में फाइबर भरपूर मात्रा में पाया जाता है जिसकी वजह से यह पथरी को नष्ट करने में सहायक होता है। उपयोग के लिए राजमा को भिगोकर उबाल लें। पानी से राजमा निकालकर उसे ठंडा कर लें। फिर इस पानी को दिन में कई बार पियें। इस पानी का उपयोग 24 घंटे के अंदर कर लें। राजमा के पानी के सेवन से आपको पथरी से होने वाले दर्द में भी आराम मिलता है। आप राजमा को सब्जी या सूप के रूप में भी उपयोग कर सकते है।

गुर्दे की पथरी निकालने में लाभदायक है प्याज

दो प्याज को एक गिलास पानी में डालकर धींमी आंच पर पका लें। फिर इसे ठंडा करके अच्छे से पीस लें। इसमें से रस निकालकर एक-दो दिन तक पियें।

इलाइची का मिश्रण

मिश्रण बनाने के लिए एक चम्मच इलाइची, खरबूजे के बीज की गिरी और दो चम्मच मिश्री एक कप पानी में डालकर उबाल लें। पानी ठंडा होने के बाद इसे सुबह शाम पिएं। यह मिश्रण पथरी निकालने में बहुत असरदार साबित होता है।

गेहूं की बाली

गेंहू की कुछ बालियाँ लेकर उनसे रस निकल लें। एक गिलास रस में एक चम्मच नींबू व एक चम्मच शहद मिलाएं। इस तैयार मिश्रण को दिन में दो से तीन बार पियें। गेंहू की बाली का रस प्राकृतिक तरीके से पथरी को निकालने का कार्य करता है।

खजूर

खजूर में फाइबर की मात्रा बहुत होती है। इसके सेवन से पथरी बनने की संभावना भी कम हो जाती है। खजूर को रातभर पानी में भिंगोकर सुबह खाएं।

खीरा

खीरे में पानी बहुत अधिक मात्रा में पाया जाता है। इसके सेवन से पथरी निकलने में आसानी होती है।

ऊपर बताए गए घरेलू उपाय गुर्दे की पथरी को निकालने में सहायक होते है। लेकिन अगर आपकी पथरी बड़ी है और आपको बहुत दर्द या तकलीफ है तो ऐसे में तुरंत अपने डॉक्टर से परामर्श लें। क्यूंकि विलंब करने से गुर्दे की पथरी के कारण गुर्दे या मूत्रमार्ग में संक्रमण भी हो सकता है। अतः पथरी से सम्बंधित किसी भी लक्षण के दिखने पर तुरंत अपने डॉक्टर से संपर्क करें।

गुर्दे की पथरी से बचने के उपाय

पथरी का होना या न होना व्यक्ति के आहार और जीवनशैली पर निर्भर करता है। पथरी न हो इसके लिए आप निम्न बातों का ध्यान रखें।

  • दिन में कम से कम 5 लीटर पानी पिएं।
  • जंक फ़ूड, डिब्बा बंद खाना अधिक न खाएं।
  • नमक का अधिक सेवन न करें।
  • कोल्ड ड्रिंक्स का उपयोग न करें। क्यूंकि इसमें मौजूद फॉस्फोरिक एसिड पथरी के खतरे को बढ़ा देता है।
  • टमाटर, बैगन का अधिक सेवन न करें। क्यूंकि इनके बीज पथरी के निर्माण के लिए आधार का कार्य करते है।
  • कच्चा चावल, उड़द और चने का अधिक सेवन पथरी के खतरे को बढ़ाता है।
  • बहुत अधिक प्रोटीन के सेवन न करें।
  • ऐसे व्यक्ति जो कैल्शियम ऑक्जालेट गुर्दे की पथरी से ग्रषित है, उन्हें ऑक्जालेट से भरपूर आहार का सेवन नहीं करना चाहिए। मूंगफली, पालक, चुकंदर, चॉकलेट, जिमीकंद आदि में ऑक्जालेट पाया जाता है।

 

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