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दसवीं के बाद करियर विकल्प – 10th से ही सही मार्गदर्शन जरुरी

दसवीं की परीक्षा पास करना किसी भी छात्र के जीवन की एक बड़ी उपलब्धि होती है। इसका एक मतलब यह भी होता है कि छात्र को ढेरो में से दसवीं के बाद करियर विकल्प में से किसी एक को चुनना होता है। अधिकांश छात्र दसवीं के बाद करियर तय करते समय भ्रमित होते हैं। कुछ को लगता है की उंनका करियर चुनने का समय Class 12 के बाद आएगा, जोकि गलत है। कक्षा 10 के बाद आप जिन विषयों का अध्ययन करना चुनते हैं, उसी से कक्षा 12 के बाद आपका करियर तय होता है। उदाहरण के लिए यदि आप कक्षा 10 के बाद कला का अध्ययन करना चुनते हैं और कक्षा 12 के बाद डॉक्टर बनना चाहते हैं, तो यह संभव नहीं है।

विज्ञान, वाणिज्य, या कला (Science, Commerce or Arts)? आप क्या पढ़ना चाहते है। इस प्रश्न का उत्तर आपकी महत्वाकांक्षा पर निर्भर करता है। यह छात्र जीवन का वह पड़ाव है जहां आप अपने सपनों का पीछा करने का फैसला करते हैं। इसके लिए आपको सोचना और निर्णय लेना होगा। किसी के दबाव में आकर अपना रास्ता नहीं चुनना चाहिए। आपका एक सही निर्णय आपके करियर को आगे बढ़ाने में मदद करेगा। और यदि आप गलत फैसला करते है, तो आपको जीवन भर इसके परिणाम भुगतने होंगे।

इससे पहले की हम दसवीं के बाद करियर विकल्प की बात करें। आइए हम उन सामान्य कारकों और गलतियों के बारे में चर्चा करें जो आपके करियर चयन को प्रभावित करती हैं।

career options after 10th

 

जिस फील्ड में आपकी रूचि न हो उसमे माता-पिता का अनावश्यक दबाव

भारत में माता-पिता का बच्चों से चर्चा किए बिना उनके करियर का फैसला करना एक आम बात है। जो हमेशा सही नहीं होता है। दबाव बनाने के लिए वो दूसरों के बच्चों की मिसाल देते हैं। माता-पिता को कुछ भी तय करने से पहले अपने बच्चे की क्षमताओं और रुचियों को देखना चाहिए। छात्रों को भी चाहिए की वो अपने माता-पिता को अपने सपनो से अवगत कराएं। उनको पता होना चाहिए की आप अपने भविष्य में क्या करना चाहते है। तब वे सही निर्णय लेने में आपकी मदद कर सकते हैं।

दोस्तों का अनुसरण करना (Following Friends)

दसवीं के बाद विषयों के चयन के अनुसार कक्षाओं को पुनर्गठन होता है। किशोरावस्था के कारण कई छात्र सोचते हैं कि उनके दोस्तों के साथ छूट जायेगा। इसलिए वो अपने दोस्त अनुसार स्ट्रीम का चयन कर लेते है। आगे चलके यह उनके जीवन का सबसे गलत फैसला साबित होता है। दोस्तों के साथ आपके संबंध मजबूत हैं तो आपकी दोस्ती बनी रहेगी। लेकिन यह वह समय है जब आप अपनी रुचि और जुनून के अनुसार निर्णय लें। अपने करियर को ध्यान में रखते हुए स्ट्रीम का चयन करें। निर्णय लेने के लिए भावनाओं के बजाय बुद्धि का उपयोग करें।

करियर विकल्प के बारे में ज्ञान की कमी

कुछ दशक पहले, दसवीं के बाद बहुत कम करियर विकल्प होते थे। लेकिन अब परिदृश्य बदल रहे है। अब दसवीं  के बाद करियर के ढेरों विकल्प मौजूद है। जरुरत है तो बस सही मार्गदर्शन और करियर परामर्श की, जिनकी सहायता से आप सही चुनाव कर सकते है। जो छात्र अपने स्ट्रीम और करियर चयन को लेकर असमंजस में हैं, वे करियर कॉउंसलर की मदद लें सकते है। या आप सही जानकारी के लिए ऑनलाइन खोज कर सकते हैं।

सिर्फ सैलरी देख कर निर्णय लेना

कई छात्र अपनी रूचियों से ज्यादा महत्व सैलरी को देते है। दसवीं के बाद करियर विकल्प में से सही को चुनने के लिए इससे ज्यादा तर्कहीन तर्क नहीं हो सकता है। आपको यह समझना चाहिए कि हर पेशे और उद्योग की प्रासंगिकता समय के साथ बदलती रहती है। पहले परंपरागत मार्केटिंग विशेषज्ञ की बहुत मांग थी, आज डिजिटल मार्केटिंग विशेषज्ञ मांग में हैं और कल कोई और पेशा दौड़ में आगे होगा। इसीलिए, वेतन के बजाये अपने कौशल पर ध्यान दे। यदि काम आपकी रूचि का हो तो आप तेजी से आगे बढ़ते है। इसलिए निर्णय लेने से पहले अपने रुचि और क्षमताओं पर गौर करें।

अबतक आपको यह स्पष्ट हो गया होगा कि अपना करियर पथ चुनते समय आपको किन बातों का ध्यान रखना है। After class 10th आप चाहें जो विकल्प चुने उससे कोई फर्क नहीं पड़ता है। बस ध्यान देने वाली बात ये है की वो आपके रुचिअनुसार हो। आपके प्रत्येक चयन में विभिन्न करियर विकल्प उपलब्ध हैं और उनके अपने लाभ हैं। क्लास 10th  के बाद आप नियमित या व्यावसायिक अध्ययन के बीच चयन कर सकते हैं। ये क्या हैं और इनके क्या फायदे हैं, आइए अब इस विषय पर चर्चा करते हैं।

दसवीं के बाद करियर विकल्प चार्ट

 

नियमित पाठ्यक्रम (Regular Courses)

यदि आपका करियर आपको आगे पढ़ाई के लिए प्रेरित करता है, तो आपके पास विज्ञान, वाणिज्य और कला के विकल्प हैं। आप इनमे से किसी एक विकल्प को चुनके आगे पढाई कर सकते है। अब हम इन स्ट्रीम्स के अंतर्गत पढ़ाये जाने वाले पाठ्यक्रम और लाभों के बारे में बात करेंगे। अधिक जानकारी के लिए आप https://www.cbse.gov.in/ लिंक पर जाके पढ़ सकते है।

विज्ञान स्ट्रीम (Science Stream)

विज्ञान हमेशा से छात्रों के साथ-साथ माता-पिता के लिए पसंदीदा विषय रहा है। साइंस स्ट्रीम मेडिकल, इंजीनियरिंग, आईटी, शोध जैसे कई दसवीं के बाद करियर विकल्प उपलब्ध कराती है। साइंस स्ट्रीम चुनने का एक और फायदा है। 12वीं के बाद आप चाहें तो ग्रेजुएशन के लिए कॉमर्स या आर्ट्स स्ट्रीम में स्विच कर सकते हैं। लेकिन आप वाणिज्य और कला की पढ़ाई के बाद विज्ञान की पढ़ाई नहीं कर सकते। विज्ञान स्ट्रीम में पढ़ाए जाने वाले सामान्य विषय भौतिकी (Physics), रसायन विज्ञान (Chemistry), जीव विज्ञान (Biology) और गणित (Mathematics) हैं। साइंस स्ट्रीम में मुख्य रूप से तीन विषय संयोजन उपलब्ध हैं। इन संयोजनों को आमतौर पर पीसीएम (PCM-Physics, Chemistry, Math), पीसीबी (PCB-Physics, Chemistry, Biology), पीसीएमबी (PCMB-Physics, Chemistry, Math, Biology) के रूप में जाना जाता है।

आप अपने करियर पसंद के अनुसार विषय संयोजन चयन कर सकते हैं। जैसे की आप Doctor बनना चाहते है और मैथ से डर लगता है तो आप PCB चुन सकते है। Engineer बनना है और बायोलॉजी नहीं पढ़ना तो PCM ले लीजिये। Medicine में रुचि है तो PCBM ले लें। इसके साथ आपको कुछ अतिरिक्त विषय भी लेने पड़ते है। जिनमे इंग्लिश, हिंदी, कंप्यूटर साइंस, रीजनल भाषा आदि विषय शामिल है।

वाणिज्य स्ट्रीम (Commerce Stream)

वाणिज्य, विज्ञान के बाद दूसरी सबसे ज्यादा पसंद की जाने वाली स्ट्रीम है। अगर आपको नंबर, वित्त, अर्थशास्त्र आदि पसंद हैं, तो Commerce आपके लिए सबसे अच्छा विकल्प है। अगर आप Economics और Business की दुनिया में अपना करियर बनाना चाहते हैं तो कॉमर्स आपके लिए सही विकल्प है। वाणिज्य बैंकिंग, वित्त, व्यापर आदि वित्तीय सम्बंधित क्षेत्रों के लिए आधार है। लेखा (Accountancy), व्यवसाय अध्ययन (Business Studies), वाणिज्य (Commerce), अर्थशास्त्र (Economics), आर्थिक भूगोल (Economic Geography), सचिवीय अभ्यास (Secretarial Practice), व्यवसाय विधि (Business Law) आदि विषयों का अध्ययन करना पड़ता है।

कला स्ट्रीम (Arts Stream)

एक समय था जब Arts स्ट्रीम की उपेक्षा की जाती थी। इसे कमजोर छात्रों का विषय माना जाता था। लेकिन अब चीजें बदल गई हैं, यह अब अध्ययन के लिए सबसे अधिक मांग वाला विषय बन गया है। आर्ट्स पढ़ने के बाद छात्रों को अपना करियर बनाने के बहुत से अवसर मिलते है। मीडिया (Media), राजनीती (Politics), इतिहास (History), समाज सेवा (Social Service) आदि छेत्रों में रुचि रखने वालों के लिए ये उत्तम विकल्प है। आर्ट्स स्ट्रीम में आपको भूगोल (Geography), राजनीती शास्त्र (Political Science), मनोविज्ञान (Psychology), नागरिक सास्त्र (Sociology), अंग्रेजी (English), हिंदी (Hindi) और संस्कृत (Sanskrit) विषयों की पढाई करनी होती है।

हमने अबतक नियमित पाठ्यक्रम में उपलब्ध सभी स्ट्रीम्स के विषय में जान लिया है। इन विषयों का चयन करके आप Class 12 तक की पढाई कर सकते है। Class 12 के बाद आगे की पढ़ाई और करियर ऑप्शन के बारे में विस्तृत जानकारी आप यहाँ Career option after 12th  में पढ़ सकते है।

व्यावसायिक पाठ्यक्रम

अबतक हमने Class 10th के बाद उपलब्ध नियमित पाठ्यक्रम के बारें में बताया। लेकिन कुछ छात्र अलग सोचते हैं, वे 10वीं के बाद ही अपने सपनों को साकार करना चाहते हैं। तो उन्हें भी निराश होने की जरुरत नहीं है। आजकल बहुत से डिप्लोमा/ सर्टिफिकेट कोर्स मौजूद है। जिनको करने के बाद आप नौकरी कर सकते है। या फिर चाहे तो आगे की पढाई जारी रख सकते है। इनमे से ज्यादातर कोर्स 12वीं कक्षा के समकक्ष होते है। इसीलिए अग्गे चलकर आपको ग्रेजुएशन करने में दिक्कत नहीं आती है। अब हम आपको 10वीं कक्षा के बाद उपलब्ध व्यावसायिक पाठ्यक्रमों के बारे में बताएंगे।

पॉलिटेक्निक एक बेहतर विकल्प है दसवीं के बाद (Polytechnic)

After 10th पॉलिटेक्निक सबसे अच्छा कोर्स माना जाता है। पॉलिटेक्निक प्रवेश परीक्षा में बैठने के लिए कक्षा 9 और 10 में विज्ञान और गणित विषयों का अध्ययन अनिवार्य है। Polytechnic Diploma 3 वर्ष की अवधि का हो सकता है। सफलतापूर्वक पास होने पर आप चाहें तो नौकरी कर सकते है या आप 4-वर्षीय B.E./B.Tech में पार्श्व प्रवेश (आप द्वितीय वर्ष में प्रवेश प्राप्त कर सकते हैं) का विकल्प चुन सकते हैं। पॉलिटेक्निक के अंतर्गत Computer Engineering, Cyber Forensics & Information Security, Electrical & Electronics, Biomedical Electronics, Mechanical Engineering, Medical Electronics, CAD-CAM, Chemical Technology, Civil Engineering आदि लगभग 20 कोर्स उपलब्ध है।

अगर आप 10th के बाद तुरंत नौकरी चाहते है तो ITI (Industrial Training Institutes) बेहतर विकल्प है

औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान जिन्हे संक्षिप्त में आईटीआई (ITI) भी कहा जाता है। कौशल विकास और उद्यमिता मंत्रालय, भारत सरकार के तहत संचालित ITI  विभिन्न इंजीनियरिंग और गैर-इंजीनियरिंग ट्रेडों में व्यावसायिक पाठ्यक्रम कराते हैं। ITI में admission के लिए आपको लिखित प्रवेश परीक्षा पास करनी होती है। ITI के अंतर्गत 6 महीने से 2 साल तक के कोर्सेज करवाए जाते है। ITI के अंतर्गत लगभग 130 पाठ्यक्रम शामिल है।

ITI पाठ्यक्रम इंजीनियरिंग और गैर-इंजीनियरिंग ट्रेडों में विभाजित किये जाते है। इंजीनियरिंग कोर्सेज में Electrician, Electronics, Mechanical, Surveyor, Fitter, Diesel Mechanic, Information Technology आदि शामिल है। गैर-इंजीनियरिंग कोर्सेज में Secretarial Practice, Commercial Arts, Leather Goods Making, Bleaching & Dyeing Calico Print आदि शामिल है।  व्यावसायिक प्रशिक्षण पूरा करने के बाद, छात्रों को अखिल भारतीय व्यापार परीक्षा (All India Trade Test) देना होता है। जिसे पास करने पर उन्हें राष्ट्रीय व्यापार प्रमाणपत्र (National Trade Certificate) प्रदान किया जाता है। वे प्रासंगिक पेशे में नौकरी के लिए इस प्रमाणपत्र का उपयोग कर सकते हैं। ITI के बारें में अधिक जानने के लिए भारत सरकार की आधिकारिक वेबसाइट https://www.ncvtmis.gov.in/pages/home.aspx पर जाएँ।

व्यावसायिक डिप्लोमा (Diploma in Vocation)

ITI और Polytechnic Diploma के बजाये आप 3 साल का व्यावसायिक डिप्लोमा (Diploma in Vocation) का option भी चुन सकते है। ये पाठ्यक्रम राष्ट्रीय कौशल योग्यता ढांचा (National Skill Qualification Framework) के अंतर्गत कराये जाते है। 10वीं के बाद वोकेशनल ट्रेनिंग में डिग्री सबसे अच्छा विकल्प माना जाता है। इसमें लोकप्रिय पाठ्यक्रम Software Development, Graphics & Multimedia, Travel & Tourism, Refrigeration & Air-Conditioning, BFSI, Medical Imaging है। अधिक जानकारी के लिए आप इस https://www.nielit.gov.in/content/nsqf लिंक पर जाएँ।

कौशल प्रशिक्षण कार्यक्रम (Skill Training Program)

10वीं के बाद आप राष्ट्रीय कौशल विकास निगम (National Skill Development Corporation) द्वारा संचालित कौशल प्रशिक्षण कार्यक्रम का विकल्प भी चुन सकते हैं। NSDC के जरिये आप Animator, Beauty Therapist, Food processing, Gems & Jewelry, Healthcare, Mobile Phone Technician, Organic Grower, Sales Executive आदि विषयों पर प्रशिक्षण प्राप्त कर सकते है। NSDC के आधिकारिक वेबसाइट https://nsdcindia.org/ पर जाके आप जानकारी प्राप्त कर सकते है।

अब तक हमने व्यावसायिक अध्ययन के लिए उपलब्ध सभी विकल्पों के बारे में बताया है। यदि आप इन पाठ्यक्रमों को सफलतापूर्वक पूरा करते हैं, तो आपको निश्चित रूप से नौकरी मिल जाएगी। या आप आगे पढ़ना चाहते हैं, तो दरवाजे हमेशा खुले रहते हैं। लेकिन कुछ छात्र जो आर्थिक रूप से कमजोर हैं और आगे अपनी पढ़ाई जारी नहीं रख सकते हैं। उन्हें भी निराश होने की जरुरत नहीं है। सरकारी क्षेत्र में उनके लिए रोजगार के अवसर मौजूद है। हम आपको कुछ ऐसी नौकरियों के बारे में बताएंगे जिनकी न्यूनतम आवश्यकता कक्षा १०वीं पास है। Class 12 के बाद उपलब्ध व्यवसायिक पाठ्यक्रम के बारे में विस्तृत जानकारी आप Career option after 12th article में पढ़ सकते है।

दसवीं के बाद नौकरी के अवसर

राज्य और केंद्र सरकार दोनों ही 10th पास छात्रों के लिए रोजगार के अवसर प्रदान करती है। रेलवे नियुक्ति संस्था (Railway Recruitment Board) Helper , Fitter, Cabin Man, Leverman, Keyman आदि पदों पर नियुक्तियां करती है। कर्मचारी चयन आयोग (Staff Selection Commission) मल्टी टास्किंग स्टाफ (MTS) के पदों पर भर्तियां करती है। जिन्हे बाद में भारत सरकार के अंतर्गत आने वाले विभिन्न विभागों में नियुक्त किया जाता है। भारतीय डाक विभाग भी ग्रामीण डाक सेवक (Gram Dak Sevak) की नियुक्तियां 10वी के आधार पर ही करता है। इसके अलावा विंभिन्न राज्य पुलिस, डाक, नगर पालिका आदि विभागों में १०वीं के आधार पर नियुक्तियां करते है। भारतीय सेना/अर्धसैनिक बल भी MTS, Constable, Ordinance Apprenticeship आदि पदों पर भर्तियां करती है।

जैसा कि आपने देखा है कि after 10th class सारे option उपलब्ध हैं। बस जरुरत है तो आपके सही विकल्प चुनने की। इस स्टेज पर एक सही निर्णय आपको एक सफल जीवन की ओर ले जाएगा। अंत में, याद रखें कि आप जो कुछ भी चुनते हैं कड़ी मेहनत और समर्पण का कोई विकल्प नहीं है।

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